औरंगजेब रोड के बाद औरंगजेब लेन का नाम बदलने की मांग, अकाली विधायक ने किया प्रदर्शन

दिल्ली में स्थित औरंगजेब रोड का जब नाम बदला गया तो खूब हो हल्ला हुआ. मोदी सरकार ने औरंगजेब रोड का नाम बदलकर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रख दिया. सरकार ने इसे पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि बताया. तो कुछ लोगों ने इसमें हिन्दू-मुसलमान की राजनीति का आरोप लगाया.

औरंगजेब रोड के बाद अब औरंगजेब लेन को लेकर विवाद शुरू हो गया है. शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने औरंगजेब लेन का नाम बदलने की मांग की है. उन्होंने आज औरंगजेब लेन वाले बोर्ड पर कालिख पोतकर विरोध जताया.

उन्होंने कहा कि औरंगजेब का इतिहास हिंदू और सिखों के खिलाफ है. मनजिंदर सिंह सिरसा ने मांग की कि मुगल बादशाह औरंगजेब का नाम देश की सड़कों और किताबों से हटाया जाए. उन्होंने कहा कि हम किसी ऐसे जालिम शासक के नाम को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो हिंदुओं का विरोधी था.

उन्होंने कहा कि औरंगजेब लोगों के साथ जबरदस्ती कर धर्मांतरण की कोशिश करता था. गुरु तेग बहादुर ने उसके इन प्रयासों के खिलाफ अपने जीवन का बलिदान दे दिया. उन्होंने कहा कि औरंगजेब हत्यारा था. इसलिए हम उसका विरोध करते हैं.

सिरसा ने कहा कि औरंगजेब ने गुरु तेग बहादुर की हत्या की थी. और उस देश में अगर आज भी औरंगजेब का नाम है तो इससे बुरा कुछ हो नहीं सकता. उन्होंने कहा कि सड़क का नाम उस व्यक्ति के नाम पर रखा जाता है, जिसका नाम हम आगे बढ़ाना चाहे. औरंगजेब का नाम दिल्ली के सड़कों से ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के वर्तमान से गायब हो जाना चाहिए और उसे सिर्फ एक कट्टरपंथी के तौर पर इतिहास में लिखना चाहिए.

आज अकाली विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अन्य सदस्यों ने औरंगजेब लेन के साइन बोर्ड पर काला रंग लगा कर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि सड़कों पर उसका नाम देखकर हमारी भावनाएं आहत होती हैं.

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