कृषि मंत्रालय की ई-नाम योजना से जुड़ीं सात और राज्यों की 200 मंडियां

Agriculture Minister Narendra Singh Tomar
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की योजना राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से सात और राज्यों की 200 मंडियां जुड़ गई हैं. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 7 राज्यों की 200 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से जोड़ा.

इसके साथ ही अब 785 मंडियां इस प्लेटफार्म से जुड़ गई हैं. मंत्रालय का कहना है कि जल्द ही ई-नाम से जुड़ने वाली मंडियों की संख्या एक हजार हो जाएगी. तोमर ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इन मंडियों को ई-नाम प्लेटफार्म से जोड़ने के कार्य का शुभारंभ किया. शीघ्र ही इनकी संख्या एक हजार हो जाएगी.

इस अवसर पर तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने निरंतर इस तरह के कदम उठाकर पारदर्शिता की मिसाल कायम की है. ई- नाम पर एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो चुका है.

किसानों के लिए कृषि उत्पादों के विपणन को आसान बनाने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई- नाम) की शुरूआत 14 अप्रैल 2016 को 21 मंडियों के साथ की गई थी. बीते चार साल के दौरान ई-नाम से 585 मंडियां जुड़ चुकी है और आज 200 मंडियां जुड़ने के साथ कुल संख्या 785 हो गई हैं.

नई जुड़ी मंडियों में 94 राजस्थान की, 27 तमिलनाडु की, 25-25 गुजरात व उत्तरप्रदेश की, 16 ओडिशा की, 11 आंध्रप्रदेश की तथा 2 कर्नाटक की शामिल हैं. तोमर ने कहा कि ई-नाम कृषि विपणन में एक अभिनव पहल है, जो किसानों की पहुंच को कई बाजारों-खरीदारों तक डिजिटल रूप से पहुंचाता है.

उन्होंने कहा कि ये माध्यम कीमत में सुधार के इरादे से व्यापारिक लेन-देन में पारदर्शिता लाता है, गुणवत्ता के अनुसार कीमत व उपज के लिए ‘एक राष्ट्र-एक बाजार’ की अवधारणा को विकसित करता है.  उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी का हमारे कामकाज में अधिक से अधिक उपयोग हो, इसी दृष्टिकोण के आधार पर कृषि मंत्रालय ने ई- नाम प्लेटफार्म ईजाद किया था.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रसन्नता की बात है कि इस पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार हो चुका है और 1.66 करोड़ से ज्यादा किसान, 1.28 लाख से अधिक व्यापारी पंजीकृत हैं. लाकडाउन के दौरान भी करोड़ों रुपये का व्यापार ई- नाम के माध्यम से हुआ है.

हिन्दुस्थान समाचार/अजीत