प्रदूषण पर रोक के लिए प्रशासन ने तैयार किया ब्लू प्रिंट

प्रदूषण फैलाने वालों का नाम किया जायेगा सोशल मीडिया पर वायरल

गाजियाबाद, 17 नवम्बर
जिले की वायु गुणवत्ता अत्याधिक खराब श्रेणी में है. इसके सुधार के लिए जिला प्रशासन ने एक ब्लू प्रिंट तैयार किया है. इस कार्य योजना के हिसाब से नगर निगम, जिला प्रशासन व गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) समेत सभी विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है.

इस योजना के तहत प्रदूषण फैलाने में जो भी दोषी होगा उसका प्रतिदिन एक व्हाट्सएप ग्रुप पर नाम वायरल किया जाएगा. इस व्हाट्सएप ग्रुप का नाम ‘ये हैं पर्यावरण के शत्रु’ रखा गया है. इसके अलावा जिला प्रशासन के आधिकारिक वेबसाइट पर भी यह नाम वायरल किया जाएगा.

जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने रविवार की शाम को बताया कि नगर आयुक्त, नगर पालिका परिषदों, नगर पंचायतों के समस्त अधिशाषी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी पार्षदों सभासदों के साथ बैठक कर कूड़ा जलाने एवं किसी भी प्रकार की बर्निंग की घटनाओं को रोकथाम के लिए जागरूक करें.

इसी प्रकार जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं समाज जिला उप उप जिलाधिकारियों को भी ताकीद किया है कि वे समस्त ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर इन निर्देशों को सख़्ती के साथ लागू करें. उन्होंने पराली और गन्ने की पत्तियों को ना जलाने को लेकर जागरूक करने के लिए कहा है .

यही नहीं जो पराली जलाने के मामले में दोषी पाया जाएगा. उन पर जुर्माना और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. इसके अलावा जहां भी कूड़ा जलाया जाता है वह तुरंत बुझाने की व्यवस्था करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं.

जिलाधिकारी ने बताया कि जिस व्यक्ति के प्लाट या जमीन पर पराली जलाई जाती है उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाएगी और उस पर भी जुर्माना आरोपित किया जाएगा.

जिलाधिकारी ने बताया कि यदि बर्निंग की घटनाओं को रोकने में अधिकारी नाकाम रहते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई व विधिक कार्रवाई की जाएगी. शहरी क्षेत्र में सफाई सुपरवाइजर तथा ग्रामीण क्षेत्र में लेखपालों को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा.

हिन्दुस्थान समाचार/फरमान

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