शादी और बच्चों के बिना भी महिलाएं रहती हैं खुश!

एक लड़की के 20 की उम्र पार करते ही कुछ सालों के अंदर उसकी शादी करने की टेंशन मां-बाप को सताने लगती है. और अगर कहीं उसकी उम्र 30 साल के क़रीब पहुंचते-पहुंचते भी उसकी शादी ना हो, तो लोग उसपर सवाल उठाते हैं, पूछते हैं कि क्या आपको कोई मिला नहीं या उसमें कोई कमी है.

वो सभी महान लोग जो सोचते हैं कि एक महिला को एक निश्चित उम्र से पहले शादी कर लेनी चाहिए क्योंकि शादी उसके जीवन को बेहतर बनाती है, तो हम आपको बता दें कि अब विज्ञान यानी science के पास भी उन्हें गलत साबित करने के सबूत हैं. एक शोध के अनुसार ये बात सामने आई है कि सिंगल महिलाएं शादिशुदा महिलाओं से ज्यादा खुश रहती हैं.

दरअसल अमेरिकन टाइम यूज सर्वे (ATUS) ने विवाहित, अविवाहित, अलग, विधवा और तलाकशुदा लोगों के सुख और दुख की तुलना की जिसमें पाया गया कि अविवाहित लोग विवाहित लोगों की तुलना में दुख के निचले स्तर पर हैं यानी सिंगल या कहें अविवाहित लोग मैरिड लोगों से ज्यादा खुश हैं.

इसपर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एक प्रोफेसर और ‘हैप्पी एवर आफ्टर’ पुस्तक के लेखक पॉल डोलन ने बताया कि शादी से पुरुषों को फायदा होता है और महिलाएं शादी से पहले खुश रहती हैं.

उन्होंने आगे बताया कि पुरुष शादी करने के बाद शांत हो जाते हैं, कम जोखिम लेते हैं, अच्छा कमाते है और लंबे समय तक जीते हैं. वहीं शादी के बाद महिलाओं के स्वास्थ्य पर एक दबाव पड़ता है. हां अगर वो शादी नहीं करती हैं और बच्चे नहीं हैं तो वे सबसे स्वस्थ और खुशहाल रहती हैं.

वहीं एक और अध्ययन में पाया गया कि 61 प्रतिशत सिंगल महिलाएं खुश हैं. यही नहीं, 75 फीसदी महिलाएं तो एक साथी की तलाश में भी नहीं हैं.

एक महिला होने के नाते आखिर में बस इनता ही कहूंगी कि आज समय बदल रहा है. केवल शादी और बच्चों के होने से ही एक औरत खुश नहीं रहती. हां और ये एक औरत को ही तय करने चाहिए कि उसे कब और किससे शादी करनी है और अगर वो अपनी पूरी ज़िंदगी अकेली रहना चाहती है तो उसके इस फैसले का भी सम्मान करना चाहिए.

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