लॉकडाउन में खुशखबरी: “7 करोड़ किसानो को मिलेगा लाभ”

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नई दिल्ली. लॉकडाउन में किसानों को हो रही परेशानियों को देखते हुए इस तरह की मांग उठने लगी है. किसान शक्ति संघ के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट दोगुनी करने के साथ ही उसके ब्याज दर को भी कम करने की मांग की है.

उन्होंने सरकार से मांग की है कि केसीसी की लिमिट ₹600000 करने के साथ ही ब्याज दर कम करके 1 फ़ीसदी की जाए. मौजूदा समय मैं इसकी लिमिट ₹300000 रुपए है और पैसा चुकाने पर देने वाला ब्याज 4 फ़ीसदी है.

किसान नेता का कहना है कि कोरोना वाले दौर मे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. पूरे देश में इस वक्त लगभग 14.5 करोड़ किसान परिवार हैं और करीब 7 करोड किसानों के पास केसीसी है.

केसीसी में बदलाव के अतिरिक्त उन्होंने किसानों के सभी प्रकार के कर्ज, किश्तों की अदायगी पूरे 1 साल के लिए सस्पेंड करने की भी मांग की है. वहीं सरकार की तरफ से राहत के तौर पर केसीसी पर बैंकों से लिए गए सभी अल्पकालिक फसली लोन के भुगतान की तारीख 2 माह बढ़ा कर 31 मार्च से 31 मई तक की गई है.

जिसके बाद किसान 31 मई तक अपने फसल ऋण को बिना किसी बढ़े हुए ब्याज के केवल 4% प्रति वर्ष के पुराने रेट पर ही भुगतान कर सकते हैं. वही किसान शक्ति संघ इसे पूरे साल भर रोकने के लिए करने की मांग कर रहा है.

केंद्र सरकार द्वारा दी गई छूट किसानों द्वारा कृषि से जुड़ी कार्यों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर लिए गए ₹300000 रुपए तक के लोन की ब्याज दर 9 फीसदी है. लेकिन सरकार इसमें 2 प्रतिशत की सब्सिडी देती है जिसके बाद का ब्याज दर 7 फ़ीसदी पड़ता है इसके साथ ही समय पर राशि चुकाने पर इसमें 3 सीसी की ओर छूट मिल जाती है यह केवल 4 फ़ीसदी बचता है. इसको अब 1% करने की मांग की जा रही है.

पीएम किसान योजना और केसीसी स्कीम को जोड़ दिया गया है. किसान क्रेडिट कार्ड की और पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम केंद्र सरकार की दो बड़ी योजनाएं हैं जिन्हें अब जोड़ दिया गया है.

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को मौजूदा खाते से संबंधित बैंक में जाकर केसीसी के लिए आवेदन जमा करवाने को कहा है. वही इस संदर्भ में आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं. आवेदकों को इसका लाभ 14 दिन के भीतर मिलेगा.

किसानों का मानना है कि इस फैसले के बाद देश के आधे किसानों को संकट से उबारा गया था ताकि उन्हें खेती के लिए सस्ता लोन मिल सके. बता दें कि सरकार द्वारा केसीसी स्कीम किसानों को साहूकारों पर से निर्भरता खत्म करने के लिए शुरू की गई थी ताकि उन्हें खेती के लिए सस्ता लोन मिल सके.


हिंदुस्थान समाचार/कर्मवीर सिंह तोमर