भारत भवन का 38वां स्थापना दिवस आज, भव्‍यता के साथ होगा शुभांरभ

प. राजन-साजन का गायन होगा

भोपाल, 13 फरवरी(हि.स.) . बहुकला केंद्र भारत भवन का 38वां वर्षगांठ समारोह आज शाम गुरुवार से शुरू हो रहा है. इस भव्‍य आयोजन का शुभारंभ शाम 6 बजे संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ करेंगी.

भारत भवन के इस समारोह में सभी को भारतीय कला-संस्‍कृति की विविध छाप देखने को मिलेगी . चित्र, शिल्पकला, नृत्य, संगीत, साहित्य और फिल्म सहित नाट्य की प्रतिदिन भव्‍य प्रस्‍तुतियां आगामी 10 दिनों तक चलेंगी .

इस बार के आयोजन की विशेषता एक यह भी है कि यहां पहली बार विश्‍व सिरेमिक आर्ट एग्जीबिशन लगाई जा रही है, जिसमें 42 कलाकारों के आर्टवर्क को प्रदर्शित किया जाएगा. समारोह में पहले दिन प्रसिद्ध गायक पं. राजन-साजन मिश्र का गायन होगा.

इस पूरे आयोजन के बारे में जानकारी देनेवाली बुकलेट के अनुसार आज शाम 6 बजे यहां पर अंतरराष्ट्रीय सिरेमिक कला प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा, जिसके बाद साढ़े छह बजे से गोंड कलावर्ष के उपलक्ष्य में दुर्गाबाई द्वारा तैयार किए गए चित्रों को उद्घाटन मंत्री साधौ करेंगी. शाम 6.40 पर रीना सिन्हा और साथी कलाकारों द्वारा रवीन्द्र संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी और उसके बाद सायं 7.10 बजे पंडित राजन मिश्र और पंडित साजन मिश्र का गायन होगा .

वहीं, दूसरे दिन 14 फरवरी को शाम तेजेंद्र नारायण (सरोद) पूर्वायन चटर्जी (सितार) की जुगलबंदी कलाप्रेमियों को देखने को मिलेगी . 15 फरवरी 7 बजे यहां पर अलका सरावगी, गीतांजलि, यशोधरा मिश्र, रहमान अब्बास का कहानी पाठ लोग सुनेंगे. इसके बाद के दिन 16 फरवरी को साहित्‍यकार अरुण कमल, लीलाधर जगुडी, राजेश जोशी, शीतांशु यशचंद्र, नीलिम कुमार, प्रवासिनी महाकुड, के सच्चिदानंदन का कविता पाठ है.

भारतभवन के इस भव्‍य आयोजन में 17 फरवरी शाम 7 बजे से हेमंत चव्हाण का गायन और रात 8 बजे, मध्‍यप्रदेश लोक बोलियों पर गायन का कार्यक्रम रखा गया है. वहीं, 18 फरवरी शाम को नृत्यनाटिका आम्रपाली की प्रस्‍तुति प्रसिद्ध कलाकार अनुराधा सिंह द्वारा दी जाएगी .

19 फरवरी शाम 6 बजे भारिया गायन होगा और रात्रि 8 बजे से यहां मदनगोपाल का गायन है. 20 फरवरी शायं में यहां नाटक अग्नि और बरखा का मंचन किया जाएगा. इसके साथ ही 21 फरवरी शाम 7 बजे से नाटक मैं राही मासूम का मंचन रखा गया है. 22 फरवरी शाम को नाटक खडिया का घेरा का मंचन और 23 फरवरी शाम 7 बजे यहां पर नाटक जून का मंचन रखा गया है.

इसके अलावा यहां होनेवाले कार्यक्रमों में इस बार विशेष यह है कि यहां पर मॉर्डन आर्ट गैलरी में दुनियाभर के सिरेमिक आर्टिस्ट के काम प्रदर्शित किए जाएंगे. यह प्रदर्शनी एक महीने तक चलेगी. वहीं, मप्र शासन द्वारा गोंड कला वर्ष घोषित होने पर गोंड चित्रकार दुर्गा बाई के चित्रों को प्रदर्शित किया जाएगा

यह प्रदर्शनी रंगदर्शनी दीर्घा में चलेगी. 23 फरवरी तक चलने वाले इस समारोह में अंतरराष्ट्रीय सिरेमिक कला प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी. इसमें कुल 42 कलाकारों के आर्टवर्क को प्रदर्शित किया जाएगा.

उल्‍लेखनीय है कि भोपाल स्थित यह भवन भारत के सबसे अनूठे राष्‍ट्रीय संस्‍थानों में एक है. 1982 में स्‍थापित इस भवन में अनेक रचनात्‍मक कलाओं का प्रदर्शन किया जाता है. श्यामला पहाड़ियों पर स्थित इस भवन को प्रसिद्ध वास्‍तुकार चार्ल्‍स कोरिया ने डिजाइन किया था.

भारत के विभिन्‍न पारंपरिक शास्‍त्रीय कलाओं के संरक्षण का यह प्रमुख केन्‍द्र है. इस भवन में एक म्‍युजियम ऑफ आर्ट, एक आर्ट गैलरी, ललित कलाओं की कार्यशाला, भारतीय काव्‍य की पुस्‍तकालय आदि शामिल हैं. इन्‍हें अनेक नामों जैसे रूपांकर, रंगमंडल, वगर्थ और अनहद जैसे नामों से जाना जाता है. सोमवार के अतिरिक्‍त प्रतिदिन दिन में 2 बजे से रात 8 बजे तक यह भवन खुला रहता है. किसी भी तरह की कलाओं से जुड़ाव रखने वाले कला प्रेमियों के बीच यह जगह काफी प्रचलित है.

हिन्‍दुस्‍थान समाचार/डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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