योगी सरकार में दो जुलाई तक पुलिस मुठभेड़ में मारे गये 113 बदमाश

लखनऊ, 10 जुलाई (हि.स.). उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में 20 मार्च 2017 से दो जुलाई 2020 तक कुल 113 बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारे गये.इन दौरान पांच पुलिसकर्मी भी शहीद हुए.

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को यहां बताया कि योगी शासन में पिछले तीन वर्ष के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच कुल 6149 मुठभेड़ें हुईं.इनमें सबसे अधिक 2053 मुठभेड़ मेरठ जोन में हुई.एनकाउंटर में मारे गये अपराधियों की संख्या भी मेरठ जोन में सर्वाधिक 59 रही.

प्रवक्ता ने बताया कि इस समयावधि के अंदर अन्य जोन में आगरा में 1399 पुलिस मुठभेड़ में दस अपराधी मारे गये.इसी तरह वाराणसी जोन में भी 375 एनकाउंटर में दस बदमाश ढेर किये गये.

वहीं प्रयागराज जोन में 239 मुठभेड़ में चार अपराधी, बरेली में 872 एनकाउंटर में सात, लखनऊ में 223 में नौ, गौतमबुद्ध नगर में 354 में छह अपराधी मौत के घाट उतारे गये.इन एनकाउंटर में सर्वाधिक दो पुलिसकर्मी आगरा जोन में जबकि प्रयागराज, बरेली और मेरठ में एक-एक पुलिसकर्मी शहीद हुए.

शासन द्वारा जारी आकड़े में बताया गया कि 6149 एनकाउंटर में 2259 अपराधी घायल भी हुए जबकि 13253 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.इस दौरान कुल 882 पुलिसकर्मी भी घायल हुए.घायल पुलिसकर्मियों में सर्वाधिक 377 मेरठ जोन के थे.इसके बाद बरेली जोन में 162, गोरखपुर में 73, आगरा में 57 और वाराणसी में 54 पुलिसकर्मी घायल हुए.

मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार हुए अपराधियों में सबसे अधिक 3765 मेरठ जोन के रहे.वहीं आगरा से 3657, बरेली से 1932, कानपुर से 818, वाराणसी से 787, लखनऊ से 574, प्रयागराज से 488, गोरखपुर से 458 और गौतमबुद्ध नगर से 711 अपराधी गिरफ्तार किए गये.

शासन द्वारा जारी इस आकड़े में कानपुर में दो जुलाई की रात हुई घटना के बाद के आकड़े नहीं दिए गये हैं.इस घटना में दुर्दांत बदमाश विकास दुबे समेत कुछ छह अपराधियों को पुलिस ने विभिन्न मुठभेड़ों में ढेर किया.वहीं दो जुलाई की रात आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए थे. इसके अलावा बीते सप्ताह प्रदेश के तीन और अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गये.

हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी/राजेश

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