हजारों पूर्वाचंलवासियों ने उगते सूर्य को दिया अर्घ्य

ऋषिकेश. हजारों पूर्वाचंलवासियों ने रविवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की खुशहाली की कामना की. इसके साथ ही चार दिवसीय छठ महोत्सव का समापन हो गया.

पूर्वांचल समाज की सुहागिनों ने रविवार सुबह त्रिवेणी घाट सहित विभिन्न छठ पूजा स्थलों पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का परायण किया और पति एवं पुत्र की दीर्घायु और परिवार में सुख समृद्धि की कामना की. महापर्व छठ् को लेकर घाटों पर उत्सव का माहौल रहा. बुजुर्ग-बच्चे सभी ने घाटों पर पहुंचकर छठी मैया से मन्नतें मांगी.

अलसुबह से ही व्रती महिलाएं भगवान सूर्य के उदय होने के इंतजार में थीं. जैसे ही भगवान सूर्य का उदय हुआ महिलाओं ने अ‌र्घ्य देकर पुत्र-पुत्रादि की मंगलकामना की. कई महिलाओं ने विधि-विधान पूर्वक व्रत के छह और बारह वर्ष पूरे होने पर अनुष्ठान की पूर्णाहुति कर पारण किया.

इस अवसर पर कुछ समाजसेवियों एवं गंगा सभा ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जलपान का प्रबंध भी किया हुआ था. लोकपर्व छठ के अवसर पर बच्चों ने पटाखे जलाकर दूसरी दीपावली मनाई. इस पारंपरिक त्योहार पर सूर्योदय के साथ ही महिलाओं ने गाय के कच्चे दूध से अ‌र्घ्य दिया. गुड़ और अदरक खाकर महिलाओं ने व्रत तोड़ा.

छठी मैया के गीतों से गूंजा गंगा तट

तीर्थ नगरी के त्रिवेणी घाट पर छठी मैया के गीत गुंजायमान हो रहे थे. महिलाएं टोलियों में छठ के गीत गाती दिखीं. इस असवर पर ‘छठी माई के घाटवा पे आजन बाजन..’, ‘पहिले पहिल हम कईनी जैसे गीतों ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. 36 घंटे बाद व्रतियों ने रविवार सुबह अपना व्रत खोला.

हिन्दुस्थान समाचार/विक्रम

Leave a Comment