लखनऊ विधानसभा कल तक के लिए स्थगित

उत्तर प्रदेश के बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे को देखते हुए लखनऊ विधानसभा को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. विधानसभा का पहला सत्र धमाके के साथ शुरू हुआ था.

समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण को भी विपक्ष ने बीच में रोकने की कोशिश की.

इसी बीच समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने धरना दिया. विपक्षियों ने सरकार को दिशाहीन बताया. सत्र में एसपी और बीएसपी के विधायकों ने विधानसभा में नारेबाजी की.

एसपी और बीएसपी विधायक विधानसभा में बैनर लेकर पहुंचे. इस दौरान विधायकों ने राज्यपाल पर कागज के गोले भी फेंके. इस प्रकार विपक्ष के विधायकों ने राज्यपाल का अभिभाषण रोकने की कोशिश भी की.

विधानसभा के अंदर राज्यपाल पर कागज के गोले फेंके गए तो विधानसभा के बाहर सांड को लेकर प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के दौरान एसपी के एक विधायक बेहोश हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

सदन में उछाले कागज के गोले 
बजट सत्र की कार्यवाही की शुरुआत करते हुए राज्यपाल राम नाईक अभिभाषण देना शुरू किया. इस दौरान विपक्ष के सदस्यों ने उनकी ओर कागज के गोले उछाले.

राज्यपाल ने लगभग 11 बजे सदन में जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. उन्होंने ‘राज्यपाल वापस जाओ’ के नारे लगाए और नाईक की तरफ कागज के गोले फेंके.

राज्यपाल की ओर फेंके गए कागज के गोले उन तक नहीं पहुंच सके. सुरक्षाकर्मियों ने फाइल कवर के सहारे उन्हें रोक लिया. 

विपक्ष के लगातार शोरगुल के बीच राज्यपाल ने अभिभाषण पढ़ना जारी रखा और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में सिलसिलेवार ब्यौरा पेश किया.

विधायकों ने बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए इसे जुमले वाली सरकार करार दिया. विधायकों ने पीएम मोदी व सीएम योगी के खिलाफ प्रदर्शन किया. 

एसपी नेता आजम खान ने कहा कि इस देश में मुसलमानों के साथ गलत सलूक हो रहा है. उन्होंने कहा कि इलाहाबाद में कुंभ नहीं बल्कि तमाशा हो रहा है. 

आने वाले समय में वहां रैलियां व सम्मेलन करने के लिए इस सरकार ने दरवाजे खोल दिए हैं. कुंभ को राजनीति का अड्डा बना दिया है.