दवाइयों को खाने में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती, म.प्र. के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की ये नसीहत

अक्सर लोग डॉक्टर से सलाह लिए बिना ही दवाइयों का सेवन करते रहते हैं वहीं देखा जाता है कि कई बार सही इलाज और सही दवा लेने के बावजूद मरीज को आराम नहीं मिलता . इसकी वजह मरीज की लापरवाही भी हो सकती है, अच्छे इलाज के लिए ना सिर्फ दवा का सही होना ही जरूरी नहीं है, बल्कि आप का तरीका भी ठीक होना चाहिए . दवाइयों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अच्छा संदेश दिया है स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे अपनाने की अपील की है .

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया है जिसमें बताया गया है डॉक्टर की सलाह लिए बिना आपको दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए . इस पोस्ट में आगे लिखा है जिम्मेदार बने और बिना डॉक्टर की सलाह के लाल लकीर वाली दवाई की पत्ती से दवाइयां ना खाएं . आप जिम्मेदार, तो दवाईयां असरदार . अगर गंभीरता से लिया तो यही आपके स्वास्थ्य का मंत्र साबित हो सकता है .

लाल रंग की पट्टी वाली दवाइयों का मतलब होता है कि उसे डॉक्टर द्वारा वेरीफाई किए बिना नहीं लेना चाहिए . यहां तक कि मेडिकल स्टोर्स वाले भी ये दवाइयां बिना डॉक्टर के पर्चे नहीं बेच सकते . एंटीबायोटिक दवाइयों का गलत तरीके से इस्तेमाल रोकने के लिए दवाइयों पर लाल रंग की पट्टी लगाई जाती है .

ट्विटर पर पोस्ट की गई तस्वीर में लिखा है क्या आप जानते हैं जिन दवाइयों की पत्ती पर लाल लकीर होती हैं उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना कभी नहीं लेना चाहिए. कुछ दवाइयों जैसे कि एंटीबायोटिक्स की पत्ती पर एक खड़ी लाल लकीर होती है. इसका अर्थ यह होता है कि इन दवाइयों को केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए . हमेशा डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाई का पूरा कोर्स लें .

इस संबंध में ग्‍वालियर गजराराजा चिकित्‍सा महाविद्यालय के बाल चिकित्‍सक डॉ. विनीत चतुर्वेदी का कहना है कि सही दवा के साथ-साथ चिकित्सा परामर्श भी माने . चिकित्सा परामर्श पर गौर करें, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर जानलेवा हो सकता है, दवाओं का इस्तेमाल. जब आप जिम्मेदार होंगे तभी दवा असरदार होगी.

उन्‍होंने कहा कि मरीजों की जागरूकता बहुत जरूरी है . लोगों को दवाओं के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरीजों के लिए जो परामर्श जारी किया है, पह पहली बार नहीं है, सही दवा के साथ-साथ चिकित्सा परामर्श भी मानने के लिए इस तरह के प्रयास बार-बार स्‍वास्‍थ्‍य विभाग और मंत्रालय द्वारा किए जाते हैं .

हिन्दुस्थान समाचार/प्रमोद सोमानी

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