कल से शुरू होंगे CBSE Board Exams

देशभर के 21 हजार 400 CBSE मान्यता प्राप्त स्कूलों नें कल से यानी शुक्रवार 15 फरवरी से Board Exams शुरु होंगे. कल से 12th क्लास के प्रैक्टिकल सब्जेक्ट्स के Board Exam शुरु होंगे.

पिछले साल Board Exam में पेपर लीक की घटनाओं के बाद CBSE ने इस बार कई स्तर पर सुरक्षा करने का इंतजाम किया है. पेपर लीक से बचाने के लिए CBSE हर संभव कोशिश करने में लगा हुआ है.

बोर्ड सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि एग्जाम सुबह 10.30 से 1.30 तक होगी. हर पेपर में सुबह 10 बजे आंसरबुक दे दी जाएगी. सुबह 10.15 बजे पेपर बांटें जाएंगे. ऐसे में स्टूडेंट्स के लिए सुबह 10 बजे से पहले एग्जाम सेंटर पहुंचना जरूरी होगा.

यह पहला मौका होगा जब एग्जाम का लाइव वेबकास्टिंग किया जाएगा. स्टूडेंट्स एप के जरिये अपने सेंटर का पता लगा सकते हैं. इस वर्ष रिजल्ट भी 7 दिन पहले घोषित कर दिये जाएंगे.

2 मार्च से पेपर शुरु

CBSE Board Exams में सब्जेक्ट्स की संख्या अधिक होने से 12th Board Exam 15 फरवरी से 3 अप्रैल, 2019 तक चलेगी. इस बार कुल 47 दिन एग्जाम होंगे. हालांकि अधिकतर स्टूडेंट्स के लिये Board Exam 2 मार्च को इंग्लिश के पेपर से शुरू होगी.

मार्च में 5 को फिजिक्स, 9 को हिंदी, 12 को केमिस्ट्री, 15 को बायोलॉजी, 18 को मैथ्स, 28 को कम्प्यूटर साइंस, 30 मार्च को फिजिकल एजुकेशन का पेपर होगा. कॉमर्स स्ट्रीम में 6 मार्च को अकाउंटेंसी, 14 मार्च को बिजनेस स्टडी व 17 मार्च को इकोनॉमिक्स के पेपर होंगे. इसके बाद 3 अप्रैल को एग्जाम खत्म होंगे.

इन बातों का विशेष ध्यान रखें

CBSE ने सैंपल पेपर्स, मार्किंग स्कीम और मॉडल आंसर शीट्स भी वेबसाइट पर जारी की हैं. एग्जाम देने जाने से पहले इनको जरूर देख लें. 

12th Board Exam में भी NCERT बेस्ड सिलेबस पर फोकस करें. Exam पैटर्न को समझने के लिए स्टूडेंट एग्जाम देने से पहले मार्किंग स्कीम को भी ठीक से समझें.

स्टूडेंट्स CBSE एग्जाम पैटर्न की बारीकियां समझने के लिये स्टूडेंट्स क्वेशचन पेपर में पूछे जाने वाले प्रश्नों के टाइप और मार्किंग स्कीम को ठीक से समझें. CBSE वेबसाइट पर दिए गए सैंपल पेपर्स से क्वेशचन को समझ लें. 

वेबसाइट पर मार्किंग स्कीम दी गई है. मार्किंग स्कीम के जरिए हर सब्जेक्ट के अलग अलग पार्ट के मार्कस को समझा जा सकता है. जिस क्वेशचन में मैटर कठिन हो और मार्कस का महत्व कम हो, उसे छोड दें. हर क्वेशचन के आंसर में वर्ड लिमिट और प्वाइंट टू प्वाइंट राइटिंग पर ध्यान दें. परिभाषाएं स्टैंडर्ट लैंगवेज में लिखें.

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