आतंकी बोला- चाहता तो दलाई लामा के ठीक पास कर देता विस्फोट

पिछले साल 19 जनवरी को विश्व प्रसिद्ध बोधगया मंदिर में दलाई लामा के दौरे के दौरान हुए विस्फोट के मामले में गिरफ्तार किए गए बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (‍जेएमबी) के आतंकी कौसर ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है. आतंकी बोला कि अगर वह चाहता तो दलाई लामा के ठीक पास विस्फोट कर सकता था.

वह इस ब्लास्ट का मास्टर माइंड है और फिलहाल कोलकाता के प्रेसिडेंसी जेल में बंद है. मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA और सेंट्रल फॉरेंसिक लेबोरेटरी की टीम ने उससे पूछताछ की है.

इन दोनों एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से गुरुवार को इस बात की पुष्टि की गई है कि उसने पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि अगर वे लोग चाहते तो दलाई लामा के ठीक पास में विस्फोट कर सकते थे. लेकिन वे केवल यह संदेश देना चाहते थे कि वे चाहें तो रोहिंग्या लोगों की हत्या का बदला ले सकते हैं. इसीलिए थोड़ी दूरी पर विस्फोट किया ताकि जान-माल का नुकसान न हो.

कौसर ने पूछताछ में बताया है कि 19 जनवरी को ब्लास्ट के पहले जब ये लोग इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) प्लांट करने पहुंचे थे तब बोधगया मंदिर में केंद्रीय एजेंसियों की पुख्ता सुरक्षा के बावजूद वे उस जगह तक जा पहुंचे थे जहां दलाई लामा बैठते थे. हालांकि उस दिन संयोग से वह वहां नहीं बैठे और विस्फोट का कुछ खास असर नहीं हुआ.

बताया गया है कि कौसर ने यह भी स्वीकार किया है कि वह और उसके साथी आईईडी प्लांट करने के सिलसिले में बोधगया मंदिर की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय एजेंसियों की सभी सुरक्षा व्यवस्था के पार कर गए थे और आसानी से बम प्लांट करने के बाद बाहर भी निकल गए थे. दरअसल विस्फोट करने के लिए कौसर ने अपने आतंकी साथियों को कई जरूरी निर्देश दिए थे जिसकी रिकॉर्डिंग एनआईए के हाथ लगी है.

न्यायालय में इसकी पुष्टि के लिए उसके आवाज का नमूना लेने हेतु एनआईए और केंद्रीय फॉरेंसिक लेबोरेटरी की टीम पहुंची थी. न्यायालय के निर्देश पर प्रेसिडेंसी जेल में उसका बयान रिकॉर्ड किया गया है. इसी दौरान उसने यह खुलासा किया है.

पिछले साल 19 जनवरी को विश्व प्रसिद्ध बोधगया मंदिर में आतंकियों ने आईईडी ब्लास्ट किया था और फरार हो गए थे. उसके बाद पश्चिम बंगाल की सीमा में घुसे सात आतंकियों को कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (‍एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया है जिसमें कौसर भी शामिल है. वह इस पूरे ब्लास्ट का मास्टरमाइंड रहा है.

बोधगया ब्लास्ट के अलावा 2 अक्टूबर 2014 में वर्धमान के खगड़ागढ़ में हुए विस्फोट का भी हिस्सा रहा है. आतंकियों ने पूछताछ में बताया है कि म्यांमार में रोहिंग्या लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए ही आतंकियों ने बोधगया में ब्लास्ट की योजना बनाई थी.

हिन्दुस्थान समाचार/ ओम‌ प्रकाश

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